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बच्चा चोरी की अफवाह पर 3 साधुओं की जान लेने को उतारू थी भीड़, सुरक्षाबलों ने बचाया

बच्चा चोरी की अफवाह पर 3 साधुओं की जान लेने को उतारू थी भीड़, सुरक्षाबलों ने बचाया

गुवाहाटी वायरल होने वाली अफवाहों के कारण देशभर में मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं। नए घटनाक्रम में असम के दिमा हसाओ जिले में तीन साधुओं की जान सेना और पुलिसकर्मियों ने बचा ली। बताया जा रहा है कि बच्चा चोरी की अफवाह के चलते भीड़ उनकी जान लेने पर उतारू थी। अधिकारियों ने बताया कि बच्चा चोरी की अफवाह के बाद गुरुवार को सैकड़ों लोग साधुओं पर हमला करने के लिए एक जगह पर जुट गए। गनीमत यह रही कि इसी बीच पुलिस अधिकारी और नजदीकी शिविर में तैनात सैन्यकर्मी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ ने साधुओं के सामानों को खुले में फेंक दिया और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। इससे अफवाहों को और बल मिला। इस घटना के बाद उपायुक्त अमिताभ राजखोवा और पुलिस अधीक्षक प्रशांत सैकिया की अध्यक्षता में जिला प्रशासन की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में विभिन्न समुदाय के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
सुप्रीम कोर्ट में आज से फिर शुरू होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में आज से फिर शुरू होगी सुनवाई

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट बाबरी मस्जिद-राम मंदिर भूमि विवाद मामले में आज (शुक्रवार को) से फिर से सुनवाई शुरू करेगा. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर की विशेष पीठ ने 17 मई को हिन्दू संगठनों की तरफ से पेश दलीलें सुनी थीं, जिनमें उन्होंने मुस्लिमों के इस अनुरोध का विरोध किया था कि मस्जिद को इस्लाम के अनुयायियों द्वारा अदा की जाने वाली नमाज का आंतरिक भाग नहीं मानने वाले 1994 के फैसले को बड़ी पीठ के पास भेजा जाए. अयोध्या मामले में मूल याचिकाकर्ताओं में शामिल और निधन के बाद कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा प्रतिनिधित्व पाने वाले एम सिद्दीकी ने एम इस्माइल फारूकी के मामले में 1994 में आये फैसले के कुछ निष्कर्षों पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने पीठ से कहा था कि अयोध्या की जमीन से जुड़े भूमि अधिग्रहण मामले में की गई टिप्पणियों का, मालिकाना हक विवाद के निष्कर्
बुराड़ी फांसीकांड में चौंकाने वाला खुलासा, 6 बार की थी फांसी लगाने की प्रैक्टिस

बुराड़ी फांसीकांड में चौंकाने वाला खुलासा, 6 बार की थी फांसी लगाने की प्रैक्टिस

दिल्ली, के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत के मामले जिस तरह से रोजाना नए-नए खुलासे हो रही हैं, उससे यह मामला अजीब होता जा रहा है। देश ही यह दुनिया का दुर्लभतम मामला बनता जा रहा है, जब एक ही परिवार के लोगों ने इस तरह आत्महत्या की हो। इसमें हैरानी की बात है कि परिवार के दो किशोरों से लेकर 70 साल के बुजुर्ग तक के लिए मौत की यह पूरी प्रक्रिया (अनुष्ठान) जश्न के जैसा था। जारी ताजा सीसीटीवी फुटेज को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे घर में मौत को गले नहीं लगाया जाने वाला हो, बल्कि कोई शादी-समारोह हो। फांसी के लिए स्टूल, रस्सी आदि खरीदने के दौरान सबके चेहरों पर खुशी नजर आ रही है। इतना ही नहीं, यह भी पता चला है कि भाटिया परिवार ने आत्महत्या वाली रात से पहले करीब 6 दिन तक फांसी पर लटकने की प्रैक्टिस की थी। यह भी पता चला है कि प्रैक्टिस के दौरान सभी के हाथ खुले रहते थे। वहीं, हादसे यानी
फेक न्यूज को लेकर मुश्किल में वॉट्सएप, सरकार की सख्ती के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा

फेक न्यूज को लेकर मुश्किल में वॉट्सएप, सरकार की सख्ती के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ (फर्जी खबरों) की भरमार की वजह से देश के कई हिस्सों में निर्दोष लोगों की पीट पीट कर हत्या कर दी गई. भारत सरकार ने वॉट्सएप को अपने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग होने से रोकने में नाकाम रहने पर मंगलवार को आगाह किया था. वॉट्सएप ने बुधवार को भारत सरकार को भेजे जवाब में कहा है कि वह इस तरह की घटनाओं को लेकर ‘भयभीत’ है. वॉट्सएप ने फेक न्यूज और अफवाहों के ‘आतंक’ के खिलाफ समुचित कदम उठाने का आश्वासन भी दिया है. बता दें कि मंगलवार को भारत सरकार ने अपने बयान में सख्त रुख अपनाते हुए इस मैसेजिंग सर्विस को आगाह किया था और गैर जिम्मेदाराना रुख अपनाने का आरोप लगाया था. वॉट्सएप ने भारत सरकार को लिखी चिट्ठी में कहा है कि वो लोगों की सुरक्षा को लेकर गहराई से चिंतित है और साथ ही उसने फेक न्यूज और अफवाहों के आतंक से लड़ने के कदम उठाए हैं. वॉट्सएप ने चिट्ठी में कहा है कि हम हिंसा क
मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, वायदे पर किया अमल

मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, वायदे पर किया अमल

नई दिल्‍ली,मोदी सरकार ने आखिरकार किसानों से किया गया अपना वादा पूरा कर दिया है। केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना की वृद्धि करके किसानों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा कर दी। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के एमएसपी में 200 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जबकि प्रमुख दलहन मूंग का मूल्य 1400 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। खरीफ की सभी 14 फसलों के लागत के साथ 50 फीसद लाभ मार्जिन जोड़कर एमएसपी घोषित किया गया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में बुधवार को लिया गया। केंद्र सरकार ने चूंकि यह वायदा बजट में किया गया था, इसलिए इसकी प्रतीक्षा की जा रही थी कि खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य कब घोषित होते हैं? यह प्रतीक्षा इस जिज्ञासा के साथ हो रही थी कि सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में ख़त्म नहीं हो रहा टकराव, पैदा हो सकता है ‘प्रशासनिक संकट’

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में ख़त्म नहीं हो रहा टकराव, पैदा हो सकता है ‘प्रशासनिक संकट’

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार और एलजी के बीच चल रही अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी दिल्ली में टकराव खत्म होने के आसार कम लग रहे हैं. दिल्ली के सर्विसेज़ विभाग के अफसरों ने पुराने हिसाब के मुताबिक काम करने का फैसला किया है जिसमें ये विभाग एलजी के पास था. इससे दिल्‍ली में प्रशासनिक संकट पैदा हो सकता है. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने आदेश में साफ कर दिया था कि सिर्फ 3 चीजे जमीन, पुलिस और कानून व्यवस्था केंद्र के अधीन है. इसका साफ मतलब है कि बाकि विभागों पर उनका कोई अधिकार नहीं और दिल्ली सरकार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सर्विसेज स्वत दिल्ली सरकार के अधीन आ गया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उन 3 विभागों को साफ बता दिया है, जो केंद्र के अधीन हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब उपराज्‍यपाल सर्विसेज से जुड़ी ट्रांसफर-पोस्टिंग की फा
प्लास्टिक के बैग ही नहीं, रोजमर्रा की ये चीजें भी बनती जा रहीं है आपकी दुश्मन

प्लास्टिक के बैग ही नहीं, रोजमर्रा की ये चीजें भी बनती जा रहीं है आपकी दुश्मन

नई दिल्ली, प्रदूषण से निजात पाने के लिए पूरी दुनिया में प्लास्टिक बैग पर बैन लगाने को लेकर तो खूब मुहिम चल रही हैं, लेकिन हमने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि हमारे रोजमर्रा की जरूरत वाले सामान भी हमारे लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर लंच बॉक्स हो, पानी की बोतल हो, बैग, चश्मा गिलास, खाने-पीने के कप प्लेट या अन्य। हम बेफिक्र होकर धड़ल्ले से रोजाना इनका इस्तेमाल करते हैं लेकिन धीमी रफ्तार से इनसे आने वाले खतरों को हम पहचान नहीं पाते हैं। दरअसल प्लास्टिक हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। आपको शायद अंदाजा भी नहीं हो, लेकिन इसका हमारे स्वास्थ्य पर घातक असर पड़ रहा है। काफी सामान अलग तरह की प्लास्टिक से बने होते हैं, जिनके बारे में कम ही लोगों को पता होगा। आज हम आपको बताते हैं कितने प्रकार के प्लास्टिक होते हैं और उनका क्या असर होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनियाभर में
खरीफ के लिए एमएसपी वृद्धि को कैबिनेट की मंजूरी, प्रति क्विटंल 200 रुपये बढ़ा धान का समर्थन मूल्य

खरीफ के लिए एमएसपी वृद्धि को कैबिनेट की मंजूरी, प्रति क्विटंल 200 रुपये बढ़ा धान का समर्थन मूल्य

नई दिल्ली 2019 आम चुनाव से पहले बजट की घोषणा पर अमल करते हुए मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। लागत मूल्य से 50 फीसदी अधिक दाम देने के वादे के तहत केंद्रीय कैबिनेट ने खरीफ फसलों के नए समर्थन मूल्य को मंजूरी दी है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार के फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये क्विंटल कर दिया गया है, जबकि ए ग्रेड धान पर 160 रुपये का इजाफा किया गया है। उन्होंने कहा कि एमएसपी बढ़ाने से सरकार पर 15 हजार करोड़ का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वृद्धि को ऐतिहासिक बताया है। 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अधिकतम वृद्धि रागी में हुई है। इसका एमएसपी 1900 रुपये बढ़ाकर 2,897 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। मक्के के समर्थन मूल्य को 1425 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1700 रुपये क

आरुषि और सुनंदा मामलों की तरह आगे बढ़ेगी ‘सामूहिक आत्महत्या’ की जांच?

नई दिल्ली पूरे देश को दहला देने वाले बुराड़ी 'सामूहिक आत्महत्या' कांड की जांच भी आरुषि और सुनंदा हत्या मामलों की तरह ही आगे बढ़ाई जा सकती है। क्राइम ब्रांच ने अब इस मामले में मानसिक स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स से राय ली है। उन्होंने कहा है कि भाटिया परिवार के किसी साइकॉटिक डिसऑर्डर से ग्रस्त रहने के संकेत मिलते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी के चलते उनके 'लीडर' के बहकावे में आकर सबकी जान चली गई। एक्सपर्ट्स से बात करने के बाद पुलिस जांच की नई तकनीक पर विचार कर रही है। पुलिस अब साइकॉलजिकल अटॉप्सी की योजना बना रही है, इसके जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि उस रात आखिर क्या हुआ होगा। इस तकनीक का इस्तेमाल सुनंदा पुष्कर और आरुषि तलवार की हत्या के मामलों में किया गया था। पुलिस विद्या सागर इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरो साइंसेज के डॉक्टरों के संपर्क में है और मास सूइसाइड को समझने में जुटी हुई है।
शिक्षकों का गांव बना डांस बार, विरोध में सड़क पर उतरे लोग

शिक्षकों का गांव बना डांस बार, विरोध में सड़क पर उतरे लोग

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और आईटी हब पुणे के बीच में बसे पनवेल के शिर्वाने गांव को कभी 'शिक्षकों का गांव' पुकारा जाता था। इस गांव के लगभग हर घर में टीचर हुआ करते थे। मुंबई शहर से मात्र 40 किमी दूर स्थित यह गांव अब डांस बार का हब बन गया है जहां माया नगरी से रईस लोग अक्‍सर रात गुलजार करने आते हैं। पनवेल के इस गांव में अब 15 डांस बार और लॉज हैं। मुंबई और पुणे से नजदीकी की वजह से पिछले कुछ वर्षों से पनवेल और उससे सटे इलाकों में बड़ी संख्‍या में डांस बार बन रहे हैं। इन डांस बार का स्‍थानीय लोग विरोध करते हैं। उनका कहना है कि यह उनकी परंपरा और संस्‍कृति के खिलाफ है। उनकी मांग है कि शिर्वाने गांव में चल रहे डांस बार बंद किए जाएं। हाल ही में गांववालों ने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करके अवैध डांस बार और लॉज को बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि डांस बार का युवाओं पर गलत प्रभाव प