मुंबई : बीएमसी द्वारा पीपीपी मॉडल पर विकसित अंधेरी पूर्व, मरोळ स्थित सेवन हिल्स हॉस्पिटल को लेकर फिर बड़ा फैसला लिया गया है। अस्पताल को निजी प्रबंधन से वापस लेने की प्रक्रिया चल रही थी लेकिन अब इसे दोबारा उसी समूह को सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए 30 वर्ष तथा उसके बाद अतिरिक्त 30 वर्ष के लिए नए भाड़े करार का संशोधित प्रस्ताव सुधार समिति के समक्ष मंजूरी के लिए रखा गया है। बता दें कि साल 2004 में सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत मरोळ स्थित बीएमसी के भूखंड पर अस्पताल निर्माण और संचालन का निर्णय लिया गया था। इसके तहत महापालिका की 77,055 वर्ग मीटर जमीन में से 66,687 वर्गमीटर भूभाग तथा उस पर बनी इमारतें सेवन हिल्स हॉस्पिटल लिमिटेड और सोमा इंटरप्रायझेस की संयुक्त कंपनी को “जैसा है, जहां है” आधार पर 30 वर्षों के लिए दी गई थीं।
साथ ही इसे अगले 30 वर्षों तक बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया था। वर्ष 2005 में करार हुआ था और 2013 में सामंजस्य समझौता किया गया। लेकिन करार की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों के बाद 24 जनवरी 2018 को महापालिका ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। इससे पहले 2017 में कंपनी दिवालिया प्रक्रिया में चली गई थी, जिसके कारण महापालिका दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकी। सुप्रीम कोर्ट के 2019 के आदेश के बाद महापालिका की मंजूरी के बिना किसी प्रकार का रिजोल्यूशन लागू नहीं किया जा सकता था। कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2020 में महापालिका ने अस्पताल को अपने नियंत्रण में लेकर कोविड मरीजों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया और उसका संचालन स्वयं किया। 2024-25 के फैसले के बाद अस्पताल को फिर से PPP मॉडल पर देने के लिए रुचि प्रस्ताव मंगाए गए। इसमें जुपिटर कंपनी और केप्री ग्लोबल होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड ने भाग लिया।
जुपिटर कंपनी ने महापालिका का बकाया माफ करने की मांग की, जबकि कॅप्री ग्लोबल ने 2020 तक के 72 करोड़ रुपये, 2026 तक के 112 करोड़ रुपये संपत्ति कर, 1 करोड़ रुपये जकात कर तथा 39 करोड़ रुपये रखरखाव खर्च सहित कुल 223.4 करोड़ रुपये में से 183 करोड़ रुपये महापालिका को जमा किए। इसके बाद पहले रद्द किए गए 2005 के प्रस्ताव को पुनर्जीवित किया गया और अब उसमें संशोधन कर नया 30 वर्ष का भाड़े करार प्रस्तावित किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, 2013 के सामंजस्य करार की शर्तों के अधीन महापालिका, सेवेन हिल्स हेल्थकेयर और कॅप्री ग्लोबल कंपनी के बीच नया समझौता किया जाएगा।
