मुंबई : मानसून से पहले नालों के सफाई अभियान में जुटी बीएमसी को नालों से चौंकाने वाली वस्तुएं मिल रही हैं। प्लास्टिक की थैलियों, बोतलों और घरेलू कचरे के अलावा फ्रिज, सोफा, लकड़ी का सामान, कबाड़, कपड़े और यहां तक कि भंगार हुए रिक्शे का ढांचा भी नालों से निकाला गया है। साकीनाका क्षेत्र में नाला सफाई के दौरान रिक्शे का ढांचा मिलने के बाद नालों में कचरा फेंकने वाले गैरजिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। बीएमसी मानसून पूर्व मुंबई के शहर सहित पूर्व और पश्चिम उपनगरों में नाला सफाई कार्य तेज कर दिया है।
सत्ताधारी नेताओं द्वारा लगातार निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की जा रही है। इसके बावजूद कई इलाकों में नालों में फेंका जा रहा कचरा बड़ी समस्या बन गया है। सफाई के बाद भी कई नालों में दोबारा तैरता हुआ कचरा दिखाई दे रहा है। बीएमसी हर साल नागरिकों से अपील करती है कि वे जिम्मेदारी समझते हुए नालों में कचरा न फेंकें, लेकिन इसके बावजूद घरेलू कचरा और बड़ी वस्तुएं नालों में डालने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुर्ला, मानखुर्द, गोवंडी और देवनार क्षेत्रों के नालों में घरेलू उपयोग की बड़ी वस्तुएं मिलने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
