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राजस्थान से लेकर यूपी तक सख्त सुरक्षा इंतजाम, कई जगह इंटरनेट सेवाओं पर रोक

भोपाल/जयपुर
सोशल मीडिया पर कुछ संगठनों द्वारा कथित भारत बंद के ऐलान को लेकर देश के तमाम राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से भारत बंद को लेकर जारी की गई अडवाइजरी और 2 अप्रैल को हिंसा की तमाम घटनाओं के बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम हिस्सों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। आधिकारिक तौर पर किसी भी संगठन ने इस बंद का ऐलान नहीं किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर तैर रही अफवाहों के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एक ओर जहां मध्य प्रदेश के संवेदनशील जिलों में प्रशासन की ओर से कर्फ्यू लगाया गया है, वहीं राजस्थान में धारा 144 लागू करते हुए कई हिस्सों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को प्रतिबंधित किया गया है। दरअसल, एससी-एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ 2 अप्रैल को दलित संगठनों द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था। इस भारत बंद के दौरान देश के तमाम हिस्सों में भारी हिंसा हुई थी। हिंसा के इन हालात में सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश और राजस्थान में देखने को मिला था। इसके बाद सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर लोग 10 अप्रैल को एक और भारत बंद का ऐलान करने लगे। इन लोगों और कुछ कथित संगठनों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट मेसेज में आरक्षण के खिलाफ एकजुट होने और देश भर में होने वाले प्रदर्शनों में शामिल होने का आह्वान किया गया था।

गृह मंत्रालय ने जारी की अडवाइजरी
इसी के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर सोमवार को अडवाइजरी जारी करते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश जारी किए थे। मंत्रालय ने कहा था कि सरकार और प्रशासन अपने अपने जिलों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करें जिससे कि किसी भी प्रकार के जान माल के नुकसान को रोका जा सके। इसके अलावा मंत्रालय ने यह भी कहा कि अगर सुरक्षा की गाइडलाइंस के बावजूद किसी जिले में हिंसा होती है तो इसके लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

भिंड, मुरैना और ग्वालियर में कर्फ्यू की घोषणा
इस अडवाइजरी के मद्देनजर सोमवार दोपहर से ही राजस्थान, एमपी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम हिस्सों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 2 अप्रैल के भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के मद्देनजर मध्य प्रदेश में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं। खासतौर पर भिंड, मुरैना और ग्वालियर जिले में प्रशासन द्वारा कर्फ्यू और धारा 144 लगाई गई है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, बंद की दृष्टि से प्रदेश के कुल 13 जिले संवेदनशील माने गए हैं, लेकिन भिंड मुरैना और ग्वालियर में सबसे ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। भिंड और मुरैना में जहां सोमवार रात से ही कर्फ्यू लगा दिया गया है, वहीं ग्वालियर में दिन में धारा 144 और रात में कर्फ्यू रहने की घोषणा की गई है। इन तीनों जिलों में सभी लाइसेंसी हथियार जमा करवा लिए गए हैं, साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जयपुर में धारा 144 लागू, मोबाइल इंटरनेट बैन
वहीं राजस्थान में सुरक्षा के लिए जयपुर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थाई रूप से रोक लगाई गई है। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एनआर के रेड्डी ने बताया कि बंद के आह्वान को देखते हुए जयपुर शहर में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात से अगले 24 घंटों के लिए जयपुर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद किया गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को हालात पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिये गए हैं। रेड्डी ने बताया कि जयपुर में धारा 144 लागू होने के कारण रैली, जुलूस या किसी अन्य सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके अलावा इस बात की भी आशंका जताई गई है कि बंद के आवाहन के बीच कोई असामाजिक तत्व शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास कर सकता है, इसीलिए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस बल को ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटने की हिदायत दी गई है। हापुड़ में अर्धसैनिक बलों की तैनाती, इंटरनेट पर रोक
जयपुर की तर्ज पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में भी इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से प्रदेश में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। हालांकि अब तक 10 अप्रैल को आहूत भारत बंद के लिए औपचारिक रूप से किसी संगठन की ओर से आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन 2 अप्रैल को हुई हिंसा के कारण सरकार और प्रशासन कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।

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