Tuesday, May 19metrodinanktvnews@gmail.com, metrodinank@gmail.com

BJP नेताओं का दावा, जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन में मतभेदों के चलते कर्नाटक में होगी वापसी पी

नई दिल्ली
कर्नाटक में भले ही सब कुछ प्लान के मुताबिक न हुआ हो पर बीजेपी को भरोसा है कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में ‘अंतर्निहित मतभेदों’ की वजह से वह राज्य में वापसी कर सकती है। राज्य में तीन दिनों तक सत्ता को लेकर चली रस्साकशी बीएस येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद समाप्त हुई। वह पद पर बने रहने के लिए 7 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाने में नाकाम रहे। पार्टी के एक नेता ने 2019 के लोक सभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘हम भले ही लड़ाई हार गए हों, लेकिन हम जंग जीतेंगे।’ भाजपा के कई नेताओं ने कहा कि कर्नाटक में सरकार बनाने का उनका प्रयास दो कारकों से प्रेरित था- पहला, उनका मानना था कि जनादेश पार्टी के पक्ष में है। दूसरा, राज्य में उनकी सरकार होने से दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में पार्टी की राजनीतिक सफलता की संभावनाओं को बल मिलता।
लिंगायतों पर बीजेपी को भरोसा
आपको बता दें कि कर्नाटक को छोड़कर भगवा पार्टी किसी अन्य दक्षिणी राज्य में बड़ी चुनौती पेश नहीं कर पाई है। BJP के नेताओं का मानना है कि मतदाताओं के एक हिस्से खासतौर पर लिंगायतों का पार्टी के पीछे लामबंद होना उसे राज्य में प्रमुख ताकत बनाए रखेगा। येदियुरप्पा सरकार के नाटकीय तरीके से गिरने को पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
विपक्षी पार्टियों ने दावा किया था कि बीजेपी ने उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश की लेकिन बुरी तरह विफल रही। हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों का खंडन किया है। अब कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार बनने जा रही है और बुधवार को जेडीएस के नेता कुमारस्वामी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि बीजेपी का मानना है कि अब भी कई कारक ऐसे हैं, जो राज्य में उसकी वापसी में मदद करेंगे।

‘इसलिए सफल नहीं होगा गठबंधन’
बीजेपी के एक नेता ने कहा कि जेडीएस और कांग्रेस राज्य में एक-दूसरे के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं और उनके समर्थक समूहों के ‘प्रतिस्पर्धी हितों’ की वजह से जमीनी स्तर पर उनका गठबंधन सफल नहीं रहेगा। बीजेपी के एक अन्य नेता ने कहा, ‘दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच खुशमिजाजी से उनका जनाधार मजबूत नहीं होगा, खासतौर पर जब उन्होंने हमेशा एक-दूसरे के खिलाफ काम किया है। इस गठबंधन में अंतर्निहित विरोधाभास है।’

उन्होंने बताया कि चुनाव में ज्यादातर जेडीएस उम्मीदवारों के मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के ही प्रत्याशी रहे। उन्होंने कहा कि बीजेपी की उपस्थिति पुराने मैसूर क्षेत्र, वोक्कालिगा के क्षेत्र और जेडीएस के गढ़ तक सीमित है। दोनों प्रतिद्वंद्वियों के बीच गठबंधन से क्षेत्र में और स्थानों पर कब्जा जमाने में बीजेपी की मदद करेगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *