Monday, May 18metrodinanktvnews@gmail.com, metrodinank@gmail.com

पत्नी संग मिलकर सास और दो सालों की हत्या करने वाले अपराधी को सजा-ए-मौत

मार्च 2013 में कानपुर में हुए ट्रिपल मर्डर केस में एडीजे 3 की कोर्ट ने आरोपी पति व पत्नी को दोषी मानते हुए सजा का ऐलान किया है. कोर्ट ने आरोपी पति को जघन्य हत्याकांड का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई. वहीं पत्नी को आजीवन कारावास के साथ एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई.

दरअसल, पहली पत्नी की हत्या मामले में आजीवन उम्रकैद की सजा काट रहे जाकिर उर्फ राशिद पैरोल के दौरान फरार हो गया था. इस बीच उसने अपनी दूसरी पत्नी की मां और दो सालों की हत्या कर दी. मामला मार्च 2013 का है. जब फरारी के बाद बहराइच का रहने वाला राशीद पत्नी शकीला उर्फ बिट्टा के साथ कानपुर आया. उसने ग्वालटोली के मछलीवाला हाता स्थित मोहम्मद कामरान के चमड़ा कारखाने में चौकीदार की नौकरी शुरू की.

पांच मार्च की रात को शकीला की 55 वर्षीय मां जैनब, 25 वर्षीय भाई हयाज, 35 वर्षीय भाई इब्राहिम समेत 3 वर्षीय भाई सद्दाम कारखाने पहुंचे. सास जैनब ने राशिद से शकीला को अपने साथ वापस ले जाने की बात कही. लेकिन उसने मना कर दिया. इस बात पर सास जैनब ने राशिद को धमकी देते हुए कहा कि वह पुलिस को सूचना दे देगी कि वह पहली पत्नी की हत्या में फरार मुल्जिम है. इससे गुस्साए राशिद ने चमड़ा कारखाने में रखे चमड़ा काटने वाले हथियार से एक-एक कर जैनब, इब्राहिम और हयाज की गला काटकर हत्या कर दी. हालांकि, इस दौरान शकीला ने मासूम सद्दाम को रजाई में छिपाकर राशिद के कहर से बचा लिया. इसके बाद दोनों कारखाने में बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए.

अगले दिन कारखाने के मालिक ने जब कारखाना खोला तो खून से लथपथ तीन लाशें देख कर उसके होश फाख्ता हो गए. वहीं, बच्चे के रोने की आवाज सुनकर राजाई हटाई तो बदहवास हालत में मासूम सद्दाम मिला. जिसने राशिद द्वारा हत्या की बात बताई. जिसके बाद कारखाने के मैनेजर ने ग्वालटोली थाने में ट्रिपल मर्डर की रिपोर्ट दर्ज कराई.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *