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बीएमसी के अस्पतालों में नहीं है ‘जरूरी’ दवाएं

मुंबई: एशिया की सबसे अमीर महानगर पालिका के अस्पतालों में जरूरी दवाएं तक उपलब्ध नहीं है, जिसका खामियाजा काम करने वाले डॉक्टरों, खासकर रेजिडेंट डॉक्टरों को उठाना पड़ रहा है। इस बारे में रेजिडेंट डॉक्टरों ने बीएमसी प्रशासन को पत्र लिखकर जल्द से जल्द दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
महाराष्ट्र असोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर (मार्ड) के अनुसार, अस्पतालों में जरूरी दवाओं का स्टॉक खत्म होना नई बात नहीं है। बीएमसी के अलावा राज्य सरकारों के अस्पतालों में भी अक्सर ऐसा होता रहता है, जिस कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को बाहर से दवाइयां लेनी पड़ती हैं। वहीं, कई बार दवाओं की अनुपलब्धता के कारण परिजन के कोपभाजन का शिकार रेजिडेंट डॉक्टर हो जाते हैं।
मार्ड के अध्यक्ष डॉ. लोकेश ने बताया कि हाल ही में सायन में उपचार के लिए एक मरीज आया था। इलाज के लिए लिखी दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं, नतीजतन परिजन को बाहर से 4 हजार रुपये खर्च कर दवाइयां खरीदनी पड़ीं। दवाओं की कमी के कारण रोजाना ऐसे कई मरीजों को मजबूरन बाहर से दवाइयां लेनी पड़ती हैं।

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