म्हाडा ने उजड़े हुए लोगों के लिए क्या किया: मुंबई उच्च न्यायालय
मुंबई, मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र आवास और विकास प्राधिकरण (म्हाडा) से पूछा है कि उसकी परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के लिए उसने क्या किया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि म्हाडा ने मुंबई में अपने जिन 1384 फ्लैटों की बिक्री के लिए विज्ञापन दिया है, उसके विरोध में जो याचिका दायर हुई है, उस पर अपना हलफनामा दायर करे। न्यायाधीश नरेश पाटील और न्यायाधीश एन.एम जामदार ऐक्टिविस्ट कमलाकर शिनॉय द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई कर रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि इन फ्लैटों की बिक्री गैर कानूनी है, क्योंकि ये फ्लैट राज्य सरकार के विकास नियंत्रण कानून (डीसीआर) में आ रहे हैं। कोर्ट ने म्हाडा से यह भी पूछा है कि उसने उन लोगों के लिए क्या किया है जो म्हाडा की अनेक परियोजनाओं के कारण मुंबई में प्रभावित हुए हैं। ऐसे अनेक परिवारों के पुनर्वसन के लिए क्या किया है। ऐसे अनेक परिवार हैं, जो सरकार की अन









