15 कांग्रेस और राकांपा को नही आइ शिवस्मारक की याद
मुंबई : राज्य में वर्ष 1999 में सत्ता में कांग्रेस -राकांपा की आघाड़ी सरकार आने के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक निर्माण की घोषणा की थी लेकिन 15 वर्ष सत्ता में रहते हुए उन्होंने स्मारक के लिए कुछ नहीं किया। अब जब राज्य में भाजपा और शिवसेना महायुति की सत्ता स्मारक निर्माण के लिए काम कर रही है तो उसको लेकर दोनों पार्टियां दोषारोपण कर रही हैं। सोमवार को कांग्रेस और राकांपा द्वारा लगाए गए स्मारक में घोटाले के आरोप का जवाब देते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने यह बात कही। कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत और राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक पर निशाना साधते हुए पाटिल ने कहा कि दोनों प्रवक्ताओं को समझ नहीं है। इन प्रवक्ताओं के कारण जनता परेशान है। उन्हें पहले समझना चाहिए कि यह एक विशेष परियोजना है। पहले ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं बनाया गया है। इसलिए, सरकार ने एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के









