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पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट आसान बनाएगा ‘एम पासपोर्ट पुलिस ऐप’

इलाहाबाद
पासपोर्ट के आवेदन में लगने वाली पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट के लिए अब लोगों को थाने की दौड़ नहीं लगानी होगी। यूपी पुलिस ने इसके लिए एक ऐप तैयार किया है जिससे पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के घर पर पहुंचकर समयबद्ध तरीके से यह रिपोर्ट तैयार कर भेजनी होगी। इस ऐप को चलाने के लिए हर थाने में एक पुलिसकर्मी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार को होने वाले आर्थिक नुकसान और लोगों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए इस ऐप ‘एम पासपोर्ट पुलिस ऐप’ को विकसित किया गया है। एम पासपोर्ट पुलिस ऐप’ को चलाने के लिए पहले हर जिले से कम से कम एक अधिकारी को लखनऊ में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी की मौजूदगी में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के अधिकारी प्रशिक्षण देंगे। एसपी प्रोटोकॉल पूर्णेन्दु सिंह ने बताया कि, लखनऊ में प्रशिक्षण के बाद जिले में थाने के पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को थ्री जी इंटरनेट की सुविधायुक्त एक टैब दिया जाएगा। पुलिसकर्मी इस टैब के साथ पुलिस वेरिफिकेशन करने आवेदनकर्ता के घर जाएंगे और वहीं कागजात की जांच और आवेदनकर्ता की फोटो लेने के बाद सीधे रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय को भेज देंगे। इससे फालतू की कागजी कार्यवाही से भी बचा जा सकेगा।
राज्य सरकार को हो रहा आर्थिक नुकसान
दरअसल, राज्य सरकार को पासपोर्ट के हर आवेदन पर पुलिस वैरीफिकेशन के लिए 21 दिन में रिपोर्ट देने पर 150 रूपए और इसके बाद 50 रूपए की दर से राजस्व मिलता है। अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि, एक महीने से अधिक समय में भी वेरिफिकेशन रिपोर्ट नहीं मिलती। इससे सरकार को राजस्व की हानि होती है।
वेरिफिकेशन में आएगी पारदर्शिता
पासपोर्ट के लिए होने वाले पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर अक्सर शिकायतें आती रहती हैं। पुलिसकर्मी रिश्वत के लिए जानबूझकर रिपोर्ट देने में देरी करते हैं। इसे देखते हुए ही इस ऐप को लांच किया गया है। ऐप के जरिए वेरिफिकेशन होने पर पादर्शिता के साथ ही समयबद्धता और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगने की संभावना है।

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