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विश्व धरोहर घोषित हुई मुंबई की इमारतों में क्या है खास

मुंबई
बहरीन में शनिवार को यूनेस्को की तकनीकी समिति इंटरनैशनल काउंसिल फॉर मोमेंट्स ऐंड साइट्स कमिटी की बैठक में मोहर लगाए जाने के साथ ही दक्षिण मुंबई की दर्जनों विक्टोरिया गॉथिक और आर्ट डेको इमारतों को विश्व विरासत का दर्जा मिल गया। एलिफेंटा और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बाद मुंबई को यह तीसरा विश्व गौरव मिला है। इस घोषणा के साथ ही भारत में विश्व धरोहर स्थलों की सूची में 37 स्थान हो जाएंगे। यही नहीं, सबसे अधिक 5 धरोहर स्थलों के साथ महाराष्ट्र पहला राज्य हो जाएगा। ओवल ग्राउंड के साथ यह परिसर मियामी (अमेरिका) के बाद विश्व का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां समुद्र तट पर अन्य विक्टोरियन गोथिक इमारतों के साथ इतनी बड़ी संख्या में सुंदर आर्ट डेको (39) इमारतें मौजूद हैं! इस निर्णय से मुंबई में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और विदेश से उद्योगपति मुंबई की और आकर्षित होंगे।

समिति ने किया था दौरा
यूनेस्को की समिति ने इन स्थलों का दौरा करने के अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, नगर विकास विभाग, बृहन्मुंबई महानगर पालिका की हेरिटेज समिति के अधिकारियों और मुंबई के नागरिकों से इस बारे में चर्चा की थी। जानी-मानी वास्तु रचनाकार आभा नारायण लांबा और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव नितिन करीर ने मुंबई का पक्ष मजबूती से रखा था।

‘नागरिकों की पहल पर’
मुंबई के दावे का डोजियर बनाने वाली आभा नारायण लांबा के लिए यह 14 वर्ष के निरंतर प्रयासों की चरम परिणति है। उन्होंने एनबीटी को बताया, ‘यह पहली मिसाल है, जब नागरिकों की किसी पहल को इस स्तर की कामयाबी मिली है।’ इस सफलता में यूडीआरआई, काला घोड़ा असोसिएशन, ओवल कूपरेज रेजिडेंट्स असोसिएशन, ओवल ट्रस्ट, नरीमन पाइंट चर्चगेट सिटिजन असोसिएशन, हेरिटेज माइल असोसिएशन, फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट्स ट्रस्ट, आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और एमएमआर हेरिटेज कंजर्वेशन सोसायटी जैसे संगठनों के साथ अमिताभ बच्चन जैसे प्रमुख नागरिकों की कोशिशों का भी योगदान है।

चमत्कारिक वैभव
फोर्ट क्षेत्र की विक्टोरियन शैली की इमारतों का वैभव चमत्कृत कर देने वाला है। इन इमारतों में मुंबई हाई कोर्ट, मुंबई विश्वविद्यालय, एलफिंस्टन कॉलेज, डेविड ससून लाइब्रेरी, छत्रपति शिवाजी वास्तु संग्रहालय और महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय प्रमुख हैं। आर्ट डेको इमारतें (बॉम्बे डेको) दरअसल, यूरोप और अमेरिका में बीती सदी के ’20 और ’30 के दशक में फैले स्थापत्य आंदोलन की पैदाइश हैं। समुद्र को पाटकर बनाया गया मरीन ड्राइव इलाका दरअसल, पूरा का पूरा ऐसी ही इमारतों से भरा है।

विक्टोरियन इमारतें
मुंबई हाई कोर्ट, मुंबई विश्वविद्यालय, पुराना सचिवालय, एलफिंस्टन कॉलेज, डेविड ससून लाइब्रेरी, छत्रपति शिवाजी वास्तु संग्रहालय, नैशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, पश्चिम रेल मुख्यालय, महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय।

आर्ट डेको इमारतें
बैकबे रिक्लेमेशन और मरीन ड्रॉइव पर पहली पंक्ति की इमारतें, जैसे क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया, इंप्रेस कोर्ट, सूना महल, ओशियाना, इरोज सिनेमा और रीगल सिनेमा।

इस नायाब उपलब्धि पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एक-दो नहीं, मुंबई की दर्जनों इमारतों का विश्व विरासत में शामिल होना पूरे महाराष्ट्र के लिए गर्व की बात है। यह राज्य सरकार की टीम के कठिन प्रयासों का फल है। वहीं, जे. जे. कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के प्रिंसिपल प्रफेसर राजीव मिश्र बताते हैं, ‘आर्ट डेको इमारतें मुंबई के वास्तुकला हेरिटेज का अलंकार हैं।’‘वास्तुकला का अलंकार’ ओवल ट्रस्ट की नयना कठपालिया गर्व से बताती हैं, ‘हम खुशनसीब हैं कि ऐसी जगह रहते हैं।’

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