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बीडीडी चॉल के निवासियों को टावर में मिला ट्रांजिट कैंप

मुंबई
बॉम्बे डिवेलपमेंट डायरेक्टोरेट (बीडीडी) चॉल के पुनर्विकास के काम को रफ्तार मिलने की जानकारी म्हाडा ने दी है। निवासियों की पात्रता तय करने के लिए जारी किए गए सर्वे का पहला चरण पूरा हो गया है। सर्वे के अनुसार, 560 घरों को पुनर्विकास परियोजना के लिए पात्र माना गया है। इन पात्र निवासियों को जल्द ही बीडीडी चॉलों से निकालकर दक्षिण मुंबई में ही स्थानांतरित किया जाएगा। बता दें कि म्हाडा की पुनर्विकास परियोजनाओं में पहले लोग अपना घर इसलिए खाली नहीं करते थे, क्योंकि एक बार ट्रांजिट कैंप में गए तो कई पीढ़ियां पार हो जाएंगी, लेकिन खुद का घर वापस नहीं मिलेगा। इसके अलावा दक्षिण मुंबई की म्हाडा परियोजनाओं के लोग म्हाडा के ट्रांजिट कैंप में इसलिए भी नहीं जाते थे, क्योंकि म्हाडा के ट्रांजिट कैंप गोराई और विक्रोली जैसी जगहों पर स्थित हैं, जो कि दक्षिण मुंबई से दूर हैं। लोगों की इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए म्हाडा ने बीडीडी चॉल के लिए दक्षिण मुंबई में ही ट्रांजिट कैंप की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। दक्षिण मुंबई में म्हाडा ने मिल की जमीनों पर टावर बनाए हैं, जिनमें बीडीडी चॉल के पात्र निवासियों को परियोजना पूरी होने तक रखा जाएगा।

एन.एम. जोशी चॉल का सर्वे हुआ पूरा
म्हाडा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीडीडी की एन.एम. जोशी चॉल के सर्वे का पहला चरण पूरा हो गया है। पहले चरण में 7 चॉलों के निवासियों को पात्र माना गया है। प्रति चॉल में 80 घर हैं, याने कुल 560 निवासियों को पात्रता मिली है। इन निवासियों को मिल की जमीनों पर टावरों में स्थानांतरित किया जाएगा। बता दें कि एन.एम. जोशी चॉल के निवासियों का सर्वे तीन चरण में किया जाना है। एक चरण पूरा होने के बाद ही दूसरे चरण की शुरुआत की जाएगी।

तीन चरणों में किया जाएगा पुनर्विकास
परियोजना से जुड़े इंजिनियर ने बताया कि बीडीडी एन.एम. जोशी चॉल का पुनर्विकास तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 560 निवासियों को शिफ्ट कर नई इमारत का निर्माण किया जाएगा। नए निर्माण में कुल 850 नए घर तैयार होंगे। पात्र निवासियों को घर देने के बाद बचे घरों में दूसरे चरण के निवासियों को शिफ्ट कर नई इमारत का निर्माण किया जाएगा। ऐसे निवासियों को कहीं भी दूसरी जगह जाने की जरूरत नहीं होगी। पुनर्विकास की परियोजना में रुकावटें नहीं उत्पन्न होंगी।

एक नजर मुंबई की बीडीडी चॉलों पर
बीडीडी चॉलें मुंबई शहर की प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं। यह 100 वर्ष से अधिक पुरानी हैं। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों इनके पुनर्विकास कार्य का भूमिपूजन किया गया था।

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