
ओड़िया समाज की सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव
उत्कल दिवस के शुभ अवसर पर बदलापुर में ओड़िया परिवार फाउंडेशन द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन आनंद बैंक्वेट हॉल, बदलापुर वेस्ट, महाराष्ट्र में हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन ओड़िया परिवार फाउंडेशन बदलापुर के अध्यक्ष और भारत देश के विश्व प्रख्यात कराटे और मार्शल आर्ट एक्सपर्ट और ट्रेनर- प्रमोद राउलो के नेतृत्व में किया गया। समारोह में ओड़िया समाज की सांस्कृतिक धरोहर और एकता का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।
समारोह के मुख्य अतिथि आमदार ज्ञानेश्वर म्हात्रे, शिवसेना शहर प्रमुख और कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद के पूर्व नगराध्यक्ष वामन म्हात्रे , युवा समाजसेवी वरुण वामन म्हात्रे, आदित्य पाटिल, शिवसेना उपशहर प्रमुख बदलापुर के प्रवीण राउत, नगरसेविका श्रीमती शीतल प्रवीण राउत, नगरसेवक राजन घोरपड़े और नगरसेवम शरद तेली, भारतीय जनता पार्टी कुलगांव-बदलापुर शहर के अध्यक्ष संभाजी शिंदे, नाइक विद्यालय बदलापुर के प्रधानाध्यापक और समाजसेवक विश्वनाथ पाटिल, उद्योगपति और समाजसेवक सलील जवेरी, समाजसेवक सीए राजेश राणा जी, भारत सरकार के योग शिक्षक विजय कुकरेजा और समाजसेवक बाला राउत, बदलापुर (पूर्व) के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक किरण बालबदकर और बदलापुर (पश्चिम) के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल थोरवे ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
इस भव्य समारोह को सफल बनाने में फाउंडेशन के रंजन राउलो, सागर साबत, मनोज पटनायक, गणेश महापात्रा, प्रशांत मिश्रा, मनोज परिडा, राजेंद्र जेना, सुनील कुमार स्वैन, महेश्वर बेहरा, सन्यासी काइक, लक्ष्मीनारायण पाधी और संजय महाराणा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह की एक खास बात यह रही कि बच्चों और युवाओं ने धार्मिक गीतों पर सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। पूरे समारोह में उल्लास और उमंग का माहौल रहा। इस अवसर पर ओड़िया समाज के कई जाने-माने व्यक्तित्वों का सम्मान भी किया गया। साथ ही ओडिया सांस्कृतिक गीत के ज़रिए ज्योति , जयंती, सागरिका, दीप्ति, प्रभाती नामक महिलाओं ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बता दें कि प्रमोद राउलो ने हमेशा समाज सेवा को अपनी प्राथमिकता दी है। पिछले ३५ वर्षों से समाजसेवा कर रहे हैं। महाराष्ट्र और ओडिशा के सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है। वे न केवल ओडिया समाज के लिए बल्कि पूरे बदलापुर क्षेत्र में एक प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के चलते आज कई लोग उन्हें ओडिशा और महाराष्ट्र के बीच सेतु मानते हैं। हाल ही में, समाज में यह चर्चा जोरों पर है कि ओडिशा सरकार को प्रमोद राउलो को समाज सेवा के लिए सम्मानित करना चाहिए। हजारों ओडिया भाई-बहनों के लिए वे संकटमोचक साबित हुए हैं। उत्कल दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी बड़ी संख्या में लोग उनके नेतृत्व में एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक धरोहर का जश्न मनाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और समाज के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
