मोहम्मद वसीम खान के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी संस्था
Brijesh Singh – Mumbai
मुंबई । मानवाधिकारों की रक्षा, आदिवासी-बहुजन समाज के कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पिछले करीब 15 वर्षों से काम कर रही संस्था – आदिवासी बहुजन पर्यावरण सेवा ने अब ‘मानवता कल्याण विश्व प्रतिष्ठान एसोसिएशन’ के नाम से अपनी नई पहचान सामने रखी है। शुक्रवार को संस्था के कार्यालय में मीडिया साक्षात्कार आयोजित किया गया।
इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों, अब तक के कार्यों और नई पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक हित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना है।
इस अवसर पर संस्था के फाउंडर प्रेसिडेंट- मो. वसीम ख़ान और संस्था की बोर्ड ऑफ कमेटी के सदस्य और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बसंत लाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सारिका अशोक लोखंडे, महाराष्ट्र राज्य की महिला उपाध्यक्ष सुवर्णा शंकर गुर्जर और महाराष्ट्र राज्य की महिला सचिव नरगिस फारुकी उपस्थित रहीं।
संस्था का पुराना नाम ‘आदिवासी बहुजन पर्यावरण सेवा संगठन’ था जो की नेशनल फॉर इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन के तत्वाधान में ही कार्य करता था। मोहम्मद वसीम वी. ए. खान राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पहले भी संगठन का नेतृत्व कर रहे थे और अब संस्था की नई पहचान के साथ भी नेतृत्व की भूमिका में बने हुए हैं।
संगठन के पुराने संस्थापक अध्यक्ष शंकर यशवंत गुर्जर अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी सुवर्णा शंकर गुर्जर संस्था के कार्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। नई समिति में उन्हें महाराष्ट्र राज्य की महिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। संस्था के पदाधिकारियों ने मीडिया के माध्यम से लोगों को संगठन के सामाजिक उद्देश्यों और उसके कामों की जानकारी देने का प्रयास किया। नई समिति में पूर्व पुलिस अधिकारी-बसंत लाल के साथ अधिवक्ता अनिता कोळेकर को कानूनी सलाहकार, डैरिल डिसूजा( पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त), उत्तमराव उगले(महाराष्ट्र सीआईडी के पूर्व अधिकारी), के. बी. जमादार ( सहायक पुलिस आयुक्त), आनंद आचार्य ( सीआईडी के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ) और एच. डी. शिंदे ( सीआईडी क्राइम के पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ) को शामिल किया गया है। इसके अलावा ताजी वादें प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष भीमराव कोटकर और सचिव आशा भीमराव कोटकर के नाम भी नई समिति में शामिल हैं।
मीडिया साक्षात्कार के जरिए संस्था ने लोगों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया कि मानवाधिकारों, सामाजिक कल्याण और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर काम जारी रखना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। नए नाम और संशोधित समिति के साथ संस्था अब अपने उद्देश्यों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए काम करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कह रही है।
