गाजीपुर के उकराव गांव में जमीन विवाद का मामला; न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद कार्रवाई का आरोप
गाजीपुर। बहरियाबाद थाना क्षेत्र के उकराव गांव में जमीन की पैमाइश और विवादित भूमि पर बाउंड्री बनाए जाने को लेकर मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता चंद्रदेव यादव, पुत्र शंकर यादव, का कहना है कि संबंधित जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और पैमाइश रोकने की शिकायत भी पहले की गई थी। इसके बावजूद जमीन की दो बार पैमाइश कराए जाने का दावा किया गया है।
चंद्रदेव यादव के अनुसार, पहली पैमाइश के दौरान विवाद हुआ और उन्होंने रिपोर्ट पर आपत्ति जताई। इसके बाद SDM अतुल कुमार के आदेश पर दोबारा पैमाइश कराई गई। चंद्रदेव पक्ष का दावा है कि दूसरी पैमाइश में जमीन उनके पक्ष में पाई गई, लेकिन आरोप है कि दूसरी पैमाइश की रिपोर्ट रिकॉर्ड में जमा ही नहीं की गई और बाद में उसका कोई पता नहीं चला। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहली रिपोर्ट को ही आधार बनाए जाने से पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला 10 सितंबर 2026 की देर शाम और गंभीर हो गया। चंद्रदेव यादव का आरोप है कि नायब तहसीलदार विवेकानंद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और विपक्षी पक्ष—लालजी यादव, मुन्ना यादव, रामकिशुन यादव, रामधारी यादव और रामअवध यादव—द्वारा विवादित जमीन पर बाउंड्री निर्माण की कार्रवाई की गई। चंद्रदेव का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की तो उनका मोबाइल ले लिया गया और वीडियो डिलीट कर दिया गया। इसी दौरान परिवार की महिलाओं के साथ कथित गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
इस पूरे मामले में सपा नेता और पूर्व ग्राम प्रधान संतोष यादव उर्फ झुन्नू यादव के कथित राजनीतिक प्रभाव का आरोप भी चंद्रदेव पक्ष ने लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चंद्रदेव यादव ने DM अनुपम शुक्ला, SDM अतुल कुमार, नायब तहसीलदार विवेकानंद सिंह और लेखपाल इंद्रमणि गवाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वह FIR दर्ज कराने के साथ न्यायालय की शरण लेंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन दूसरी पैमाइश की रिपोर्ट से जुड़े आरोपों और विवादित जमीन पर हुई कार्रवाई की जांच किस तरह करता है।
इस मामले में विपक्षी पक्ष का पक्ष जानने और प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। विपक्षी पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
