नौ दिनों तक गरबा प्रेमियों का लगा रहा तांता
अंतिम दिन विजेताओं को सम्मान चिन्ह और नकद पुरस्कार देकर किया गया सम्मानित
मंजू तिवारी
मुंबई। मलाड पूर्व के गोशाला लेन स्थित हीरा मार्केट रामलीला मैदान में वार्ड क्रमांक 36 के भाजपा नगरसेवक एडवोकेट सिद्धार्थ शर्मा द्वारा आमदार अतुल भातखलकर के मार्गदर्शन में आयोजित भव्य नवरंग रास उत्सव का नौवें दिन धूमधाम से समापन हुआ। नौ दिनों तक चले इस गरबा उत्सव में बड़ी संख्या में गरबा प्रेमियों ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान लोगों में उत्साह देखने को मिला और श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा का आनंद लिया।
उत्सव के आठवें दिन उत्तर मुंबई के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल रामलीला मैदान पहुंचे थे। उन्होंने गरबा प्रेमियों के उत्साह की सराहना करते हुए आमदार अतुल भातखलकर के मार्गदर्शन और नगरसेवक सिद्धार्थ शर्मा के प्रयासों की प्रशंसा की थी। उत्सव के दौरान ड्रग्स फ्री मुंबई, लव जिहाद जैसे सामाजिक मुद्दों पर हुई चर्चा भी लोगों के बीच आकर्षण का विषय रही और पूरा कार्यक्रम सुपरहिट रहा क्योंकि युवा या तो कहे Genz सहित हर वर्ग के महिला पुरुष भारी संख्या में नौ के नौ दिन ताँता लगा रहा।
नौवें दिन समापन अवसर पर हमारे पत्रकार ने आमदार अतुल भातखलकर से सवाल किया कि आठवें दिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गरबा आयोजन, उनके मार्गदर्शन और नगरसेवक सिद्धार्थ शर्मा के प्रयासों की सराहना की थी, इस पर उन्हें कैसा लगा? इस पर अतुल भातखलकर ने कहा कि पीयूष गोयल द्वारा आयोजन की सराहना किए जाने से उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने मलाड पूर्व की जनता को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और नगरसेवक एडवोकेट सिद्धार्थ शर्मा सहित मलाड पूर्व मंडल के भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं ने नौ दिनों तक मेहनत और लगन से कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया और पहले दिन से ही उनके प्रयास सराहनीय रहे।
नवरात्रि उत्सव के अंतिम दिन गरबा प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मान चिन्ह और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन की तैयारियां कई महीने पहले से शुरू कर दी गई थीं और नौ दिनों तक गरबा प्रेमियों की भागीदारी बनी रही।
इस अवसर पर आमदार अतुल भातखलकर ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 24 दिसंबर से इसी रामलीला मैदान में डायरो का आयोजन किया जाएगा। डायरो गुजरात और सौराष्ट्र क्षेत्र की एक पारंपरिक सांस्कृतिक सभा है, जिसमें लोक संगीत, लोकगीत और स्थानीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अभी से आमंत्रित किया।
