मलाड पूर्व के 75 वर्ष पुराने मंदिर को बचाने की मांग तेज
मुंबई। मलाड पूर्व के कोकणी पाड़ा स्थित लगभग 75 वर्ष पुराने सार्वजनिक कोकणी माता मंदिर को लेकर विवाद के बीच मंदिर संरक्षण की मांग तेज होती दिखाई दे रही है। मंदिर को लेकर सामने आ रहे घटनाक्रम पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के दिंडोशी विधानसभा के उपविभागप्रमुख प्रमोद जाधव और भाजपा स्लम सेल के मुंबई सचिव आकाश शेंडगे ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि मंदिर के भविष्य से जुड़े किसी भी फैसले में स्थानीय नागरिकों और संबंधित पक्षों को विश्वास में लेना जरूरी है।
दोनों ने डीजीएस रियल्टी द्वारा मंदिर को नुकसान पहुंचाने या उसे हटाने की किसी भी कथित कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। मनसे उपविभागप्रमुख प्रमोद जाधव ने कहा कि कोकणी माता मंदिर किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे कोकणी समाज और स्थानीय नागरिकों की आस्था से जुड़ा सार्वजनिक धार्मिक स्थल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर के संरक्षण की जिम्मेदारी किसी एक संगठन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी राजनीतिक दलों, स्थानीय नागरिकों और संबंधित लोगों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। जाधव ने मंदिर के मुद्दे पर पहले हुई बैठकों और आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जुलाई में भी में विभिन्न राजनीतिक दलों ने मिलकर इस मामले में सहयोग किया था।
उनके अनुसार, भाजपा, मनसे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना सहित अलग-अलग दलों के सहयोग से आंदोलन किया गया था और उस दौरान उठाई गई मांगों पर सहमति बनी थी। परंतु डीजीएस रियल्टी फिर अपने वादों से पीछे हट गई। ऐसे में यदि पहले तय हुई बातों को लेकर दोबारा विवाद खड़ा होता है, तो इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
जाधव ने कहा कि यदि डीजीएस रियल्टी संबंधित मांगों और पहले बनी सहमति पर ध्यान नहीं देता है, तो मनसे इस मामले में आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।
दूसरी ओर, भाजपा स्लम सेल के मुंबई सचिव आकाश शेंडगे ने भी कोकणी माता मंदिर के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने मंदिर को नुकसान पहुंचाने या उसे हटाने की कोशिश की, तो इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
शेंडगे ने आरोप लगाया कि डीजीएस रियल्टी विकासक अपनी ताकत के बल पर काम करने की कोशिश कर रहा है और कहा कि मंदिर के मामले में ऐसी किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि वे झोपड़पट्टीवासियों के हितों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए काम कर रहे हैं।
कोकणी माता मंदिर को लेकर पहले भी यह मांग उठाई जा चुकी है कि पुराने मंदिर को हटाने से पहले नए मंदिर का निर्माण किया जाए और उसमें कोकणी माता की स्थापना सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में पहले हुई बैठक और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में दिए गए आश्वासनों का मुद्दा भी विवाद का हिस्सा रहा है।
फिलहाल, DGS Realty की ओर से इन ताजा बयानों और आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित पक्षों का जवाब मिलने पर उसे भी समाचार में उचित स्थान दिया जाना चाहिए।
